भुजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
आहीर शिवजीभाई करशनभाई (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 47.7% वोट पाकर भुज सीट जीती और झवेरी मुकेश बाबूलाल (BJP) को 2,580 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 3 मांडवी थी। 2012 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। आहीर शिवजीभाई करशनभाई 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आहीर शिवजीभाई करशनभाई | 51,48047.7% | |
| 2 | झवेरी मुकेश बाबूलाल NDA | NDA | 48,90045.3% |
| 3 | वरचंद अरजन जिवा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3114.0% |
| 4 | रबाडिया गांगजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6831.6% |
| 5 | केराई गोविन्द अरजण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5171.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
कच्छ ज़िला · 20.9 लाख लोग · जनगणना 2011
अजरख, भुजोडी शॉल बुनाई और हरे खजूर आदि के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू76.9%
- मुस्लिम21.1%
- जैन1.2%
- ईसाई0.3%
- सिख0.3%
- बौद्ध<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
8 प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भुज से कौन जीता, 1975–2022
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 58.0% से बढ़कर 64.3% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1975ढोलकिया कुन्दनलाल जसवंतरा (NCO), जीत का अंतर 9.5%
- 1980शाह मोहनलाल नेमचंद (INC(I)), जीत का अंतर 33.6%
- 1985कुमुदिनी गजेन्द्र पंचोली (INC), जीत का अंतर 8.3%
- 1990गढवी पुष्पदान शंभुदान (BJP), जीत का अंतर 11.4%
- 1995मुकेश बाबूलाल झवेरी (BJP), जीत का अंतर 6.4%
- 1998झवेरी मुकेश बाबूलाल (BJP), जीत का अंतर 24.4%
- 2002आहीर शिवजीभाई करशनभाई (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 2007आहीर वसनभाई गोपालभाई (BJP), जीत का अंतर 16.2%
- 2012डॉ. नीमाबेन आचार्य (BJP), जीत का अंतर 5.8%
- 2017आचार्य डॉ नीमाबेन भावेशभाई (BJP), जीत का अंतर 8.2%
- 2022केशुभाई शिवदास पटेल (BJP), जीत का अंतर 33.2%



