सूरत शहर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
गिलिटवाला मनीष नटवरलाल (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 48.8% वोट पाकर सूरत शहर पूर्व सीट जीती और खासी गुलाबदास नगीनदास (BJP) को 1,952 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 170 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 170 महुवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गिलिटवाला मनीष नटवरलाल 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गिलिटवाला मनीष नटवरलाल | 32,62048.8% | |
| 2 | खासी गुलाबदास नगीनदास NDA | NDA | 30,66845.9% |
| 3 | मलबारी अब्दुलभाई अलीभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 7071.1% |
| 4 | कंठारिया योगेन्द्र मंगनलाल | 7001.1% | |
| 5 | इश्तियाक़ इसहाक पठान (बाबू पठान) | 6120.9% | |
| 6 | तानावाला भूपेन्द्रभाई चंपकलाल | 4910.7% | |
| 7 | राणा गिरीशकुमार ठाकोरदास NDA | NDA | 4010.6% |
| 8 | दादू मियामहमद नूरमहमद | 3740.6% | |
| 9 | कुरेशी मोहम्मद शब्बीर कालाभाई | 2400.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूरत शहर पूर्व से कौन जीता, 1975–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1998 जितना ही रहा: 48.7%। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1975काशीराम छबिदास राणा (BJS), जीत का अंतर 21.9%
- 1980चौहान जशवंतसिंह दानसिंह (INC(I)), जीत का अंतर 1.4%
- 1985महाश्वेताबहेन जशवंतसिंह चौहान (INC), जीत का अंतर 4.7%
- 1990कपाड़िया मदनलाल के. मोहनलाल (BJP), जीत का अंतर 50.6%
- 1995खासी गुलाबदास नगीनदास (BJP), जीत का अंतर 26.8%
- 1998खासी गुलाबदास नगीनदास (BJP), जीत का अंतर 31.1%
- 2002गिलिटवाला मनीष नटवरलाल (INC), जीत का अंतर 2.9%
- 2007गिलिटवाला रणजीतभाई मंगुभाई (BJP), जीत का अंतर 2.0%