सूरत शहर उत्तरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
गजेरा धीरूभाई हरीभाई (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 53.6% वोट पाकर सूरत शहर उत्तर सीट जीती और पटेल मोहनभाई धनजीभाई (INC) को 12,518 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 169 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 169 बारडोली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गजेरा धीरूभाई हरीभाई NDA | NDA | 55,70553.6% |
| 2 | पटेल मोहनभाई धनजीभाई | 43,18741.5% | |
| 3 | मोदी नितिनकुमार ठाकोरदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3671.3% |
| 4 | नारायणभाई भीमाभाई ओड | 1,2741.2% | |
| 5 | तुम्मर बाबुभाई रवजीभाई | 9760.9% | |
| 6 | पटेल जयंतीभाई एच. बमरोलिया | 4120.4% | |
| 7 | खण्डेलवाल शांतिलाल गुमनीरामजी निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.4% |
| 8 | गोविंदभाई शनाभाई सावलीया निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.4% |
| 9 | पंडया प्रफुलचंद्र शिवशंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूरत शहर उत्तर से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 72.7% से घटकर 53.6% रह गया। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 44.7% से बढ़कर 52.2% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1975पटेल शम्भुभाई वल्लभभाई (NCO), जीत का अंतर 20.6%
- 1980पच्चीगर कुष्णवदन धनसुखलाल (INC(I)), जीत का अंतर 27.2%
- 1985इन्द्र ज्योराज सोलंकी (INC), जीत का अंतर 32.5%
- 1990कनुभाई मावाणी (BJP), जीत का अंतर 55.9%
- 1995गजेरा धीरूभाई हरीभाई (BJP), जीत का अंतर 25.7%
- 1998गजेरा धीरूभाई हरीभाई (BJP), जीत का अंतर 48.7%
- 2002गजेरा धीरूभाई हरीभाई (BJP), जीत का अंतर 12.0%
- 2007वानानी नानुभाई भगवानभाई (BJP), जीत का अंतर 18.0%