मोरबीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
अमृतिया कांतीलाल शिवाभाई (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर मोरबी सीट जीती और पटेल जयंतीलाल जेराजभाई (INC) को 1,590 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 13 टंकारा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 13 डीसा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मोरबी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,590 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमृतिया कांतीलाल शिवाभाई NDA | NDA | 53,44344.6% |
| 2 | पटेल जयंतीलाल जेराजभाई | 51,85343.3% | |
| 3 | परमार जीवराज मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 5,8364.9% |
| 4 | सावरिया केशवजी कुंवरजीभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7142.3% |
| 5 | निमावत अनंतराय प्राणजीवन | 1,6551.4% | |
| 6 | चौहान कनकसिंह जशवंतसिंह | 1,6361.4% | |
| 7 | मुलतानी सुभानभाई पोपटभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3611.1% |
| 8 | समतानी सलीमभाई अकबरभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 5250.4% |
| 9 | झकासनिया रमेश भगवानजी निर्दलीय | निर्दलीय | 4070.3% |
| 10 | धीरजलाल गौरीशंकर दवे निर्दलीय | निर्दलीय | 3520.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोरबी से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1995 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.1% से घटकर 44.6% रह गया। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 57.1% से बढ़कर 62.4% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1975परमार गोकलभाई दोसाभाई (INC), जीत का अंतर 9.4%
- 1980सरदवा जीवराज थोभण (INC(I)), जीत का अंतर 31.4%
- 1985अघारा अमरतलाल गणेशभाई (BJP), जीत का अंतर 12.9%
- 1990पटेल बाबुभाई जसभाई (IND), जीत का अंतर 22.3%
- 1995अमृतिया कांतीलाल शिवलाल (BJP), जीत का अंतर 9.2%
- 1998अमृतिया कांतीलाल शिवाभाई (BJP), जीत का अंतर 24.1%
- 2002अमृतिया कांतीलाल शिवाभाई (BJP), जीत का अंतर 1.3%
- 2007अमृतिया कांतीलाल शिवलाल (BJP), जीत का अंतर 16.2%