ध्रांगध्राविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
इंद्रविजयसिंह (आई.के.) जाडेजा (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 33.8% वोट पाकर ध्रांगध्रा सीट जीती और पटेल ईश्वरभाई नथुभाई (निर्दलीय) को 1,505 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 12 मोरबी थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 12 पालनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
ध्रांगध्रा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,505 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इंद्रविजयसिंह (आई.के.) जाडेजा NDA | NDA | 35,36633.8% |
| 2 | पटेल ईश्वरभाई नथुभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 33,86132.4% |
| 3 | झाला पराक्रमसिंह विजयसिंह | 32,05430.6% | |
| 4 | अल्पेश महेन्द्रभाई जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4751.4% |
| 5 | ट्रेंटिया रमणीकलाल उकाभाई | 1,3481.3% | |
| 6 | व्यास दिनेश गौरीशंकर | 5590.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ध्रांगध्रा से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1995 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.5% से घटकर 33.8% रह गया। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 60.2% से बढ़कर 71.2% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1975नगीनदास माणेकचंद शाह (IND), जीत का अंतर 4.0%
- 1980नगीनदास माणेकचंद शाह (IND), जीत का अंतर 8.4%
- 1985संघवी अरविन्द साकरचंद (INC), जीत का अंतर 11.0%
- 1990छगनलाल गोगीभाई पटेल (JD), जीत का अंतर 14.4%
- 1995इंद्रविजयसिंह किशोरसिंह (आई.के.) जाडेजा (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 1998इंद्रविजयसिंह (आई.के.) जाडेजा (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 2002इंद्रविजयसिंह (आई.के.) जाडेजा (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 2007पटेल हरिलाल मोहनलाल (INC), जीत का अंतर 10.3%