वावविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
पटेल परबतभाई सवाभाई (निर्दलीय) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 41.2% वोट पाकर वाव सीट जीती और राजपूत हेमाजी दराघाजी (INC) को 2,121 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 95 हिंमतनगर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 95 अमरेली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
वाव का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,121 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पटेल परबतभाई सवाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 52,64041.2% |
| 2 | राजपूत हेमाजी दराघाजी | 50,51939.5% | |
| 3 | जोशी बाबूलाल नत्थूराम | 20,79116.3% | |
| 4 | पंडया हरीशकुमार मोहनलाल | 1,3351.0% | |
| 5 | देसाई जयंतीलाल गगलदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0090.8% |
| 6 | परीख विनोदभाई मफतलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5190.4% |
| 7 | मेमण अहमदभाई उसमानभाई | 5050.4% | |
| 8 | खत्री भगवतीबेन खेताशीभाई SJP(R) | SJP(R) | 4460.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वाव से कौन जीता, 1975–2007
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 62.6% से बढ़कर 77.2% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1975परमार हेमाभाई दरघा (INC), जीत का अंतर 2.2%
- 1980परमार हेमाभाई देरघाभाई (INC(I)), जीत का अंतर 8.0%
- 1985पटेल परबतभाई सवाभाई (INC), जीत का अंतर 32.1%
- 1990पटेल मावजीभाई चतराभाई (JD), जीत का अंतर 4.8%
- 1995पटेल परबतभाई सवाभाई (IND), जीत का अंतर 1.7%
- 1998राजपूत हेमाजी दराघाजी (INC), जीत का अंतर 19.1%
- 2002राजपूत हेमाजी दरघाजी (INC), जीत का अंतर 8.4%
- 2007पटेल परबतभाई सवाभाई (BJP), जीत का अंतर 27.7%