केशोदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
सोंदरवा बचुभाई मुंजाभाई (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 47.2% वोट पाकर केशोद सीट जीती और धुला हमीरभाई हडाभाई (INC) को 7,117 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 36 जूनागढ थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 36 गांधीनगर उत्तर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोंदरवा बचुभाई मुंजाभाई | 36,59847.2% | |
| 2 | धुला हमीरभाई हडाभाई | 29,48138.0% | |
| 3 | राठोड सामत आला निर्दलीय | निर्दलीय | 5,7987.5% |
| 4 | चावड़ा मनहरलाल अमराभाई जनता दल | जनता दल | 1,6102.1% |
| 5 | नरोत्तम देवजीभाई जेठवा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3351.7% |
| 6 | चौहान हडाभाई जीणाभाई | 1,0761.4% | |
| 7 | सोलंकी वजू मंगाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 5080.7% |
| 8 | स्वादिया नाथा करशन | 4770.6% | |
| 9 | रणवा राणाभाई लाखाभाई | 2910.4% | |
| 10 | रावलिया नारण भीमाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.3% |
| 11 | रावलिया हरेश भीमाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केशोद से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1975 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 39.9% से बढ़कर 52.0% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1975वनवी देवजीभाई भीखाभाई (INC), जीत का अंतर 14.6%
- 1980वाणवी देवजीभाई भीखाभाई (INC(I)), जीत का अंतर 22.3%
- 1985धावडा परबत भोजा (INC), जीत का अंतर 21.4%
- 1990धुला हमीरभाई हडाभाई (JD), जीत का अंतर 25.5%
- 1995सोंदरवा बचुभाई मुंजाभाई (BJP), जीत का अंतर 9.2%
- 1998राठोड सामतभाई आलाभाई (BJP), जीत का अंतर 24.8%
- 2002बोरीचा माधाभाई लाखाभाई (BJP), जीत का अंतर 18.7%
- 2007मकवाणा वंदनाबेन मनसुखभाई (BJP), जीत का अंतर 21.9%