पादराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
नलिन भट्ट (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 38.6% वोट पाकर पादरा सीट जीती और परमार जीतसिंह सोमसिंह (निर्दलीय) को 1,545 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 152 सूरत शहर उत्तर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 152 झगडीया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पादरा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,545 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नलिन भट्ट | 44,37838.6% | |
| 2 | परमार जीतसिंह सोमसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 42,83337.2% |
| 3 | पटेल नरेन्द्र भाई महीजीभाई | 19,30316.8% | |
| 4 | ब्रह्मभट्ट रजनीकांतभाई रघुनाथभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5823.1% |
| 5 | घांची अब्दुल भाई याकूबभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3161.1% |
| 6 | परमा महेन्द्र सिंह चन्द्र सिंह जनता दल | जनता दल | 6920.6% |
| 7 | ठक्कर इन्दुमती बेन अरविंदभाई | 5880.5% | |
| 8 | मकवाणा जयंती भाई परसोत्तमभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 5540.5% |
| 9 | पटेल रवजीभाई मोतीभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 4710.4% |
| 10 | अमीन चिनुभाई गोरधनभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.4% |
| 11 | परमार चिमन भाई माधवभाई (वहकर) निर्दलीय | निर्दलीय | 2850.3% |
| 12 | चंपकभाई मोहनभाई गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.2% |
| 13 | पटेल घनश्याम भाई गोरधन भाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 14 | पटेल दिलीपकुमार बालुभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.1% |
| 15 | जरिया गणपतभाई काराभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पादरा से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1975 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 59.5% से बढ़कर 71.6% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट AIRJP ने जीती।
- 1975शाह जशवंतलाल सौभाग्यचंद (NCO), जीत का अंतर 30.0%
- 1980जीतुभाई सोमाभाई परमार (INC(I)), जीत का अंतर 12.7%
- 1985परमार जीतुभाई सोमाभाई (INC), जीत का अंतर 12.3%
- 1990पटेल नरेन्द्रभाई महीजीभाई (JD), जीत का अंतर 7.2%
- 1995नलिन भट्ट (BJP), जीत का अंतर 1.3%
- 1998जीतसिंह सोमसिंह परमार (AIRJP), जीत का अंतर 4.5%
- 2002पूनम परमार (पूनम रणछोड़सिंह परमार) (BJP), जीत का अंतर 19.7%
- 2007दिनेशभाई बी. पटेल (दीनू मामा) (IND), जीत का अंतर 12.1%