दाहोदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
डामोर तेरसिंहभाई बडियाभाई (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 34.9% वोट पाकर दाहोद सीट जीती और पटेल ललितकुमार भगवानदास (निर्दलीय) को 588 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 114 कपडवंज थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 114 सोजित्रा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
दाहोद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 588 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डामोर तेरसिंहभाई बडियाभाई | 24,40734.9% | |
| 2 | पटेल ललितकुमार भगवानदास निर्दलीय | निर्दलीय | 23,81934.0% |
| 3 | बमनैया दिताभाई भलाभाई | 17,21924.6% | |
| 4 | भाभोर गोकलभाई देवाभाई जनता दल | जनता दल | 1,5632.2% |
| 5 | परमार कानजी सुरसिंग | 1,5282.2% | |
| 6 | बारीया प्रदीपकुमार कामाजीभाई | 5400.8% | |
| 7 | अमलियार रूपाभाई भोजाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 5360.8% |
| 8 | हिन्होर नरसिंह खीमाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 3310.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दाहोद से कौन जीता, 1975–2007
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.6% से घटकर 34.9% रह गया। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 43.9% से बढ़कर 46.5% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1975पटेल ललितकुमार भगवानदास (INC), जीत का अंतर 12.4%
- 1980पटेल ललितकुमार भगवानभाई (INC(I)), जीत का अंतर 49.9%
- 1985पटेल ललितकुमार भगवानदास (INC), जीत का अंतर 70.5%
- 1990डामोर तेरसिंहभाई बडियाभाई (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 1995डामोर तेरसिंहभाई बडियाभाई (BJP), जीत का अंतर 0.8%
- 1998पटेल ललितकुमार भगवानदास (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 2002डामोर तेरसिंहभाई बडियाभाई (BJP), जीत का अंतर 7.5%
- 2007पनदा वजेसिंगभाई परसिंगभाई (INC), जीत का अंतर 14.8%