दिओदरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
पटेल भेमाभाई रामसिंहभाई (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 38.0% वोट पाकर दिओदर सीट जीती और वाघेला मानसिंहजी प्रतापसिंहजी (INC) को 678 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 96 प्रांतिज थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 96 लाठी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
दिओदर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 678 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पटेल भेमाभाई रामसिंहभाई राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 29,11838.0% |
| 2 | वाघेला मानसिंहजी प्रतापसिंहजी | 28,44037.1% | |
| 3 | परमार तलाजी खुमाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 15,74520.5% |
| 4 | रामी धुडाभाइ कानजीभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8162.4% |
| 5 | मधु शांतिलाल हरगोवनदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2541.6% |
| 6 | शाह कीर्तिलाल तिलचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 2990.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दिओदर से कौन जीता, 1975–2007
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1975 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 65.8% से घटकर 64.1% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1975वाघेला लिलाधर खोड़ाजी (INC), जीत का अंतर 6.3%
- 1980तारक कालुभाई वीराभाई (INC(I)), जीत का अंतर 30.0%
- 1985वाघेला मानसिंहजी प्रतापसिंहजी (INC), जीत का अंतर 9.2%
- 1990पटेल भेमाभाई रामसिंहभाई (JD), जीत का अंतर 0.9%
- 1995गुमानसिंहजी वीरमसिंहजी वाघेला (BJP), जीत का अंतर 5.7%
- 1998वाघेला लिलाधरभाइ खोड़ाजी (BJP), जीत का अंतर 9.3%
- 2002पटेल भेमाभाई रामसिंगभाई (IND), जीत का अंतर 13.3%
- 2007माली अनिलकुमार अमृतलाल (BJP), जीत का अंतर 15.6%