द्वारकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मानेक पबुभा विरम्भा (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 40.9% वोट पाकर द्वारका सीट जीती और गोजिया खीमाभाई देवाभाई (JD) को 8,272 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 31 मांगरोल थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 31 मोडासा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मानेक पबुभा विरम्भा निर्दलीय | निर्दलीय | 25,66740.9% |
| 2 | गोजिया खीमाभाई देवाभाई राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 17,39527.7% |
| 3 | प्रमार देवसी लखमन (वकील भानुभाई) | 13,83622.1% | |
| 4 | जाडेजा मनभा पथुभा YVP | YVP | 3,6745.9% |
| 5 | मानेक जीवभा तोर्याभा निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.7% |
| 6 | जानी किरीटकुमार डायालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.5% |
| 7 | चावड़ा भरतकुमार पोपटलाल | 2610.4% | |
| 8 | गोरडीया भीमा राजा उर्फ़ गांगाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2380.4% |
| 9 | खुदा रसिकलाल दामोदर निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.4% |
| 10 | सुमनिया प्रचयरभा नंदनभा निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.4% |
| 11 | नागेश मुरा रामा निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.3% |
| 12 | जाडेजा वजुभा दौलतसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.2% |
| 13 | करनी गोविन्द साजाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
द्वारका से कौन जीता, 1975–2007
1985 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 47.5% से बढ़कर 51.9% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1975गोरिया मारखी जेठाभाई (INC), जीत का अंतर 12.3%
- 1980त्रिवेदी लीलाबेन गौरीशंकर (INC(I)), जीत का अंतर 9.4%
- 1985पाबरी जमनादास गोकलदास (IND), जीत का अंतर 12.7%
- 1990मानेक पबुभा विरम्भा (IND), जीत का अंतर 13.2%
- 1995मानेक पबुभा विरम्भा (IND), जीत का अंतर 11.8%
- 1998मानेक पबुभा विरम्भा (IND), जीत का अंतर 7.0%
- 2002मानेक पबुभा विरम्भा (INC), जीत का अंतर 6.2%
- 2007मानेक पबुभा विरम्भा (BJP), जीत का अंतर 13.8%