संतरामपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
पंडया प्रबोधकांत दामोदर (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 45.6% वोट पाकर संतरामपुर सीट जीती और रायका सागरभाई कल्याणभाई (INC) को 2,165 वोटों से हराया।
1975 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 111 लुणावाडा थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 111 उमरेठ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। पंडया प्रबोधकांत दामोदर 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पंडया प्रबोधकांत दामोदर राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 29,47945.6% |
| 2 | रायका सागरभाई कल्याणभाई | 27,31442.3% | |
| 3 | पटेल बापूजीभाई मोरारभाई | 4,5727.1% | |
| 4 | परीख इंद्रवदन वल्लवदास निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0843.2% |
| 5 | कटारा सिंहजीभाई जलजीभाई JNP(JP) | JNP(JP) | 6551.0% |
| 6 | डामोर सवजीभाई धनजीभाई | 3070.5% | |
| 7 | पंडया विनोदचन्द्र केशवलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, INC और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
संतरामपुर से कौन जीता, 1975–2007
JD ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1975 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1975 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 37.1% से बढ़कर 52.6% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1975जीवाभाई मोतीभाई डामोर (INC), जीत का अंतर 13.2%
- 1980डामोर जीवाभाई मोतीभाई (INC(I)), जीत का अंतर 8.1%
- 1985पंडया प्रभाकांत दामोदरदास (JNP), जीत का अंतर 28.8%
- 1990पंडया प्रबोधकांत दामोदर (JD), जीत का अंतर 3.4%
- 1995डॉ. भमात मानसिंह वल्लभभाई (INC), जीत का अंतर 14.4%
- 1998डॉ. भमात मानसिंह वल्लभभाई (INC), जीत का अंतर 13.4%
- 2002पंडया प्रबोधकांत दामोदर (BJP), जीत का अंतर 29.0%
- 2007परमार परंजयादित्यसिंहजी कृष्णकुमारसिंहजी (INC), जीत का अंतर 8.6%