पैंगीणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
फर्नांडिस इसीडोर डिगो (निर्दलीय) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर पैंगीण सीट जीती और आचार्य गोविन्द रघुचंद्र (MAG) को 1,659 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में कोई सीट नंबर 40 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 40 कानकोन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — फर्नांडिस इसीडोर डिगो 15.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | फर्नांडिस इसीडोर डिगो निर्दलीय | निर्दलीय | 4,86045.0% |
| 2 | आचार्य गोविन्द रघुचंद्र | 3,20129.7% | |
| 3 | गांवकर वासू पाइक | 2,23420.7% | |
| 4 | पगी राजेन्द्र धरमू NDA | NDA | 4964.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, MAG और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पैंगीण से कौन जीता, 1989–2007
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट MAG से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1994 के 80.0% से घटकर 76.3% रह गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।