सांगेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
गांवकर प्रभाकर पांडुरंग (BJP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 28.8% वोट पाकर सांगे सीट जीती और देसाई सत्यवान भद्रू (INC) को 787 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में कोई सीट नंबर 36 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 36 केपे है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गांवकर प्रभाकर पांडुरंग NDA | NDA | 3,49828.8% |
| 2 | देसाई सत्यवान भद्रू | 2,71122.3% | |
| 3 | डी. कोस्टा मिंगुएलिनो पास्कोल UGDP | UGDP | 2,20418.1% |
| 4 | अरुण के. रायकर | 1,98316.3% | |
| 5 | नाईक पांडू वासू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,75414.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.69 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सांगे से कौन जीता, 1989–2007
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1989 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1994 के 73.7% से घटकर 68.6% रह गया। इसके बाद 2002 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।