हलदोणेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
डी. सा फातिमा जोसेफ फिलिप (INC) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर हलदोणे सीट जीती और अस्नोडकर उल्हास गोपाल (BJP) को 511 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 9 सत्तरी थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 9 परवरीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। डी. सा फातिमा जोसेफ फिलिप 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी. सा फातिमा जोसेफ फिलिप | 8,30346.6% | |
| 2 | अस्नोडकर उल्हास गोपाल | 7,79243.8% | |
| 3 | चोपडेकर रत्नाकर मद्दू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3687.7% |
| 4 | ऑस्टिन रोड्रिग्स निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.6% |
| 5 | मिरजकर शोभा मिराजी | 860.5% | |
| 6 | पिंटो फ्रांसिस्को ओलिथ निर्दलीय | निर्दलीय | 310.2% |
| 7 | फडते दिलीप नामदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 310.2% |
| 8 | लोबो एग्नेलो अलेक्सिनहो निर्दलीय | निर्दलीय | 290.2% |
| 9 | यूरिको जुडास मस्करेन्हास निर्दलीय | निर्दलीय | 230.1% |
| 10 | हलर्नकर दत्तदास जगन्नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 230.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हलदोणे से कौन जीता, 1989–2007
INC ने यह सीट MAG से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1989 के 70.7% से घटकर 68.8% रह गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।