केपेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
प्रकाश शंकर वेलिप (MAG) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर केपे सीट जीती और पेरेरा राऊल रोक (निर्दलीय) को 3,244 वोटों से हराया।
1989 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में कोई सीट नंबर 38 नहीं थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 38 सांवर्डे है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रकाश शंकर वेलिप 20.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रकाश शंकर वेलिप | 7,57947.1% | |
| 2 | पेरेरा राऊल रोक निर्दलीय | निर्दलीय | 4,33527.0% |
| 3 | वेलिप कुशली कुष्ठ | 2,07712.9% | |
| 4 | रेबेलो रेमेट पावलु UGDP | UGDP | 1,74610.9% |
| 5 | नोमी गोविन्द गांवकर | 1701.1% | |
| 6 | शेख अजीम निर्दलीय | निर्दलीय | 1701.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केपे से कौन जीता, 1989–2007
MAG ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 63.1% से घटकर 47.1% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 73.8%। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी MAG ने यह सीट अपने पास रखी।