सत्तरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
राणे प्रतापसिंघ रावजी (INC) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 41.7% वोट पाकर सत्तरी सीट जीती और राणे जयसिंगराव वेंकटराव (MAG) को 1,111 वोटों से हराया।
1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1989 से सीट नंबर 9 हलदोणे है।
विजेता
11.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राणे प्रतापसिंघ रावजी | 4,08441.7% | |
| 2 | राणे जयसिंगराव वेंकटराव | 2,97330.4% | |
| 3 | पेड़णेकर देविदास कृष्ण | 1,35213.8% | |
| 4 | देसाई केसनाव जनार्दन निर्दलीय | निर्दलीय | 4704.8% |
| 5 | मुजावर शकी अली इब्राहिम निर्दलीय | निर्दलीय | 4054.1% |
| 6 | गांवकर बुदाजी विठ्ठल निर्दलीय | निर्दलीय | 3753.8% |
| 7 | वाज जॉर्ज बस्तियाओ | 1291.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सत्तरी से कौन जीता, 1977–1984
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(U) ने जीती।