राम नगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
मोती लाल सोढ़ी (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 43.0% वोट पाकर राम नगर सीट जीती और बाबू राम सोलंकी (INC) को 3,421 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में कोई सीट नंबर 69 नहीं थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 69 मुस्तफाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोती लाल सोढ़ी | 23,18143.0% | |
| 2 | बाबू राम सोलंकी | 19,76036.7% | |
| 3 | नाथू प्रसाद वाम दल | वाम दल | 7,11113.2% |
| 4 | राजेन्द्र सिंह जनता दल | जनता दल | 1,8973.5% |
| 5 | सुशीला गिहारा | 1,1592.1% | |
| 6 | वीर पाल | 2500.5% | |
| 7 | संजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.3% |
| 8 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.3% |
| 9 | बिहारी लाल आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 950.2% |
| 10 | राम किशन | 660.1% | |
| 11 | रतन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 260.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और CPM को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राम नगर से कौन जीता, 1993–2003
इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।