सीलमपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
मतीन अहमद (JD) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 42.5% वोट पाकर सीलमपुर सीट जीती और जय किशन दासगुप्ता (BJP) को 1,438 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 49 शक्ति नगर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 49 संगम विहार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मतीन अहमद 3.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मतीन अहमद जनता दल | जनता दल | 16,51842.5% |
| 2 | जय किशन दासगुप्ता | 15,08038.8% | |
| 3 | सुल्तान अहमद | 6,30916.3% | |
| 4 | नन्द किशोर कश्यप JP | JP | 2440.6% |
| 5 | अयूब अली खान वाम दल | वाम दल | 1940.5% |
| 6 | विजय सिंह | 1830.5% | |
| 7 | गुरुदयाल | 990.3% | |
| 8 | जहीरुद्दीन समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 600.1% |
| 9 | मनसब निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 10 | आशा देवी ESP | ESP | 460.1% |
| 11 | संजय शर्मा | 230.1% | |
| 12 | हाशिमी एम.वाई. निर्दलीय | निर्दलीय | 180.1% |
| 13 | कंवर नज़र मोहम्मद चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 60.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD, BJP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सीलमपुर से कौन जीता, 1993–2003
इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।