बवानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
चन्द राम (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 35.5% वोट पाकर बवाना सीट जीती और राजेन्द्र सिंह (JD) को 2,195 वोटों से हराया।
1993 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1983 में सीट नंबर 22 नरेला थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 22 बल्लीमारान है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। चन्द राम 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द राम | 18,38335.5% | |
| 2 | राजेन्द्र सिंह जनता दल | जनता दल | 16,18831.2% |
| 3 | ओम प्रकाश रंगा | 14,87628.7% | |
| 4 | उदय सिंह कटारिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0592.0% |
| 5 | आर.पी. गौतम | 7541.5% | |
| 6 | रोशन लाल खोंडिया DPP | DPP | 3850.7% |
| 7 | कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1260.2% |
| 8 | तुलसी राम लुकर निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बवाना से कौन जीता, 1993–2003
इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।