किशनगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2020
इजहारुल हुसैन (INC) ने 2020 के विधान सभा चुनाव में 34.2% वोट पाकर किशनगंज सीट जीती और स्वीटी सिंह (BJP) को 1,381 वोटों से हराया।
2010 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2005 में सीट नंबर 54 साहेबगंज थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
किशनगंज का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,381 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इजहारुल हुसैन महागठबंधन (बिहार) | महागठबंधन (बिहार) | 61,07834.2% |
| 2 | स्वीटी सिंह NDA | NDA | 59,69733.4% |
| 3 | मो. कमरूल होदा | 41,90423.5% | |
| 4 | तासीर उद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0691.2% |
| 5 | तैला किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5520.9% |
| 6 | मोहन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4190.8% |
| 7 | अनिल सिंह BPL | BPL | 1,3720.8% |
| 8 | रामनाथ शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2600.7% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,0370.6% |
| 9 | छोटे लाल महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 9980.6% |
| 10 | इजेकल हांसदा निर्दलीय | निर्दलीय | 9930.6% |
| 11 | अब्दुल ग़फ़ूर निर्दलीय | निर्दलीय | 9780.6% |
| 12 | शिल्पी कुमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 7070.4% |
| 13 | शिवनाथ मलिक | 6250.3% | |
| 14 | फ़िरोज़ आलम | 4790.3% | |
| 15 | परवेज आलम RUC | RUC | 4610.3% |
| 16 | तजमुद्दीन BHJJP | BHJJP | 4610.3% |
| 17 | मोहम्मद ज़ाहिद आलम LJD | LJD | 4270.2% |
| 18 | मोहम्मद महबूबुर रहमान | 4200.2% | |
| 19 | शम्भू कुमार यादव RAUNTP | RAUNTP | 4040.2% |
| 20 | मकसूद आलम VSIP | VSIP | 2690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.16 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
किशनगंज ज़िला · 16.9 लाख लोग · जनगणना 2011
ड्रैगन फ्रूट, अनानास और चाय के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- मुस्लिम68.0%
- हिंदू31.4%
- ईसाई0.3%
- जैन0.1%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किशनगंज से कौन जीता, 2010–2025
2010 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.8% से घटकर 34.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 2015 के 66.6% से घटकर 60.8% रह गया। इसके बाद 2025 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।