साहेबगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
राजू कुमार सिंह (JD(U)) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 46.8% वोट पाकर साहेबगंज सीट जीती और राम विचार राय (RJD) को 5,268 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 54 लालगंज थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 54 किशनगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजू कुमार सिंह NDA | NDA | 47,59146.8% |
| 2 | राम विचार राय | 42,32341.6% | |
| 3 | शिव चरण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9723.9% |
| 4 | हरि किशोर सिंह | 3,3593.3% | |
| 5 | शशि भूषण तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4721.4% |
| 6 | बद्री नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 9881.0% |
| 7 | यादव लाल पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 8240.8% |
| 8 | शशि भूषण कश्यप निर्दलीय | निर्दलीय | 7220.7% |
| 9 | राज किशोर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4960.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD(U), RJD और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
साहेबगंज से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने यह सीट LJP से छीन ली, जिसने इसे 2005 (फ़रवरी) में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD(U) की पहली जीत थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 2005 (फ़रवरी) जितना ही रहा: 52.8%।
- 1977भाग्य नारायण राय (CPM), जीत का अंतर 35.9%
- 1980नवल किशोर सिंह (INC(U)), जीत का अंतर 5.7%
- 1985शिव शरण सिंह (INC), जीत का अंतर 0.9%
- 1990राम बिचार राय (JD), जीत का अंतर 6.8%
- 1995राम विचार राय (JD), जीत का अंतर 28.8%
- 2000राम विचार राय (RJD), जीत का अंतर 34.0%
- 2005 (फ़रवरी)राजू कुमार सिंह (LJP), जीत का अंतर 12.5%
- 2005 (अक्टूबर)राजू कुमार सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 5.2%