कसबाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2015
मो. आफाक आलम (INC) ने 2015 के विधान सभा चुनाव में 44.7% वोट पाकर कसबा सीट जीती और प्रदीप कुमार दास (BJP) को 1,794 वोटों से हराया।
2010 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2005 में सीट नंबर 58 सकरा थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कसबा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,794 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मो. आफाक आलम महागठबंधन (बिहार) | महागठबंधन (बिहार) | 81,63344.7% |
| 2 | प्रदीप कुमार दास NDA | NDA | 79,83943.8% |
| 3 | संजय कुमार मिर्धा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,7772.6% |
| 4 | सदा नन्द यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7771.5% |
| 5 | सैयद गुलाम हुसैन | 2,6691.5% | |
| 6 | अजीत कुमार मेहता | 2,3181.3% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2,0581.1% |
| 7 | दीपक कुमार चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5530.8% |
| 8 | शक्ति नाथ यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4250.8% |
| 9 | बमबम साह | 1,1220.6% | |
| 10 | अफजल खान उर्फ़ मुख्तार CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 5460.3% |
| 11 | अखिलेश झा निर्दलीय | निर्दलीय | 4210.2% |
| 12 | अख्तर अली MANJP | MANJP | 3880.2% |
| 13 | मो. शाहिद SKLP | SKLP | 3390.2% |
| 14 | मो. कासिम | 3160.2% | |
| 15 | परमेश्वर लाल विश्वास LD | LD | 2970.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.30 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
पूर्णिया ज़िला · 32.6 लाख लोग · जनगणना 2011
बांस कला, जूट और मखाना के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू60.9%
- मुस्लिम38.5%
- ईसाई0.2%
- जैन<0.1%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.3%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कसबा से कौन जीता, 2010–2025
INC ने 2010 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.1% से घटकर 44.7% रह गया। मतदान प्रतिशत 2010 के 67.3% से बढ़कर 69.0% हो गया। इसके बाद 2020 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।