दीघाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2015
संजीव चौरसिया (BJP) ने 2015 के विधान सभा चुनाव में 50.7% वोट पाकर दीघा सीट जीती और राजीव रंजन प्रसाद (JD(U)) को 24,779 वोटों से हराया।
2010 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2005 में सीट नंबर 181 चंडी थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
31 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संजीव चौरसिया NDA | NDA | 92,67150.7% |
| 2 | राजीव रंजन प्रसाद | 67,89237.2% | |
| 3 | उदय चन्द्र चौधरी HVD | HVD | 2,6731.5% |
| 4 | राजीव रंजन सिंह-उर्फ़-पिन्टू सिंह SASAPT | SASAPT | 2,5971.4% |
| 5 | प्रमोद कुमार नन्दन | 1,8271.0% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,4900.8% |
| 6 | रणविजय कुमार CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,4880.8% |
| 7 | सिद्धेश्वर पासवान | 9270.5% | |
| 8 | मीरा गुप्ता BJHP | BJHP | 8600.5% |
| 9 | संजय कुमार (चितकोहरा बस्ती) LAD | LAD | 8430.5% |
| 10 | राम प्रसाद चन्द्रवंशी BMF | BMF | 6760.4% |
| 11 | रविन्द्र सिंह AJPR | AJPR | 6570.4% |
| 12 | सुबोध कुमार श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 6550.4% |
| 13 | इंजी. हेमन्त कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6340.3% |
| 14 | संजीव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5900.3% |
| 15 | रीना पीटर LSD | LSD | 5850.3% |
| 16 | महेन्द्र प्रसाद NJPI | NJPI | 5690.3% |
| 17 | अरुण कुमार सिंह BLRP | BLRP | 5060.3% |
| 18 | सुमन कुमारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.3% |
| 19 | मो. डेनिस खान GJDS | GJDS | 4350.2% |
| 20 | बेबी कुमारी | 3900.2% | |
| 21 | सीता राम अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3890.2% |
| 22 | चन्द्रावती देवी BNDL | BNDL | 3540.2% |
| 23 | संजय कुमार (दीघा घाट) JKM | JKM | 3420.2% |
| 24 | संजय वर्मा | 3330.2% | |
| 25 | धनंजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.2% |
| 26 | प्रमोद कुमार सिंह NJP | NJP | 2530.1% |
| 27 | जयशंकरपांडेय RSWD | RSWD | 2440.1% |
| 28 | अशरफ RSMD | RSMD | 2420.1% |
| 29 | मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.1% |
| 30 | सुनील कुमार मिश्रा (एस. के. मिश्रा) ABHM | ABHM | 2330.1% |
| 31 | जंती देवी GAAP | GAAP | 2310.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, JD(U) और HVD को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.52 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
पटना ज़िला · 58.4 लाख लोग · जनगणना 2011
पीतल धातु शिल्प, परिधान और एक्टिव वियर तथा टिकुली चित्रकला के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू91.7%
- मुस्लिम7.5%
- ईसाई0.2%
- सिख0.1%
- जैन<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- नहीं बताया0.4%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
2 प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दीघा से कौन जीता, 2010–2025
BJP ने यह सीट JD(U) से छीन ली, जिसने इसे 2010 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2010 के 38.3% से बढ़कर 42.1% हो गया। इसके बाद 2020 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।