पिपराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2015
स्यामबाबु प्रसाद यादव (BJP) ने 2015 के विधान सभा चुनाव में 38.0% वोट पाकर पिपरा सीट जीती और कृष्ण चन्द्र (JD(U)) को 3,930 वोटों से हराया।
2010 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2005 में भी सीट नंबर 17 का नाम पिपरा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। स्यामबाबु प्रसाद यादव 2.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | स्यामबाबु प्रसाद यादव NDA | NDA | 65,55238.0% |
| 2 | कृष्ण चन्द्र | 61,62235.7% | |
| 3 | राज मंगल प्रसाद | 8,3664.8% | |
| 4 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7,2664.2% |
| 5 | परशुराम पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 6,1393.6% |
| 6 | सुभाष चन्द्र गुप्ता | 3,4792.0% | |
| 7 | विक्रम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1261.8% |
| 8 | साधू यादव GJDS | GJDS | 2,6041.5% |
| 9 | नागेन्द्र साहनी | 1,8471.1% | |
| 10 | रामायण पासवान BKP | BKP | 1,6611.0% |
| 11 | रामाधार साह SKLP | SKLP | 1,6130.9% |
| 12 | भाग्य नारायण प्रसाद यादव | 1,5600.9% | |
| 13 | पवन कुमार राय JAPL | JAPL | 1,5420.9% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,4540.8% |
| 14 | अंकुश कुमार सिंह RVNP | RVNP | 1,3980.8% |
| 15 | दरोगा साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3440.8% |
| 16 | उदय कुमार कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2740.7% |
| 17 | नरेश प्रसाद साह ABHKP | ABHKP | 6490.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.58 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
पूर्वी चंपारण ज़िला · 51 लाख लोग · जनगणना 2011
लीची, बैग और परिधान तथा सीप के बटन के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू80.1%
- मुस्लिम19.4%
- ईसाई0.1%
- बौद्ध<0.1%
- सिख<0.1%
- जैन<0.1%
- नहीं बताया0.3%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
1 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिपरा से कौन जीता, 2010–2025
BJP ने यह सीट JD(U) से छीन ली, जिसने इसे 2010 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2010 के 51.5% से बढ़कर 57.7% हो गया। इसके बाद 2020 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।