गरखाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
ज्ञान चन्द मांझी (BJP) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 34.6% वोट पाकर गरखा सीट जीती और रघुनंदन मांझी (INC) को 1,817 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 42 जलालपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 42 पिपरा (सुपौल) है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। ज्ञान चन्द मांझी 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ज्ञान चन्द मांझी NDA | NDA | 28,63434.6% |
| 2 | रघुनंदन मांझी | 26,81732.4% | |
| 3 | मुनेश्वर चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 14,27117.2% |
| 4 | अरविन्द कुमार | 3,3614.1% | |
| 5 | विजय कुमार | 2,8573.5% | |
| 6 | संपत राम राही निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7373.3% |
| 7 | दुर्गा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2492.7% |
| 8 | विश्व नाथ बैठा | 1,0461.3% | |
| 9 | अनिल कुमार मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 7991.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.04 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गरखा से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2005 (फ़रवरी) में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 43.5% से बढ़कर 45.3% हो गया।
- 1977मुनेश्वर चौधरी (JNP), जीत का अंतर 48.1%
- 1980रघु नन्दन मानजी (INC(I)), जीत का अंतर 5.5%
- 1985रघुनंदन मांझी (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 1990मुनेश्वर चौधरी (IND), जीत का अंतर 7.9%
- 1995मुनेश्वर चौधरी (JD), जीत का अंतर 17.2%
- 2000मुनेश्वर चौधरी (RJD), जीत का अंतर 6.6%
- 2005 (फ़रवरी)रघुनंदन मांझी (IND), जीत का अंतर 6.5%
- 2005 (अक्टूबर)ज्ञान चन्द मांझी (BJP), जीत का अंतर 2.2%