गरखाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मुनेश्वर चौधरी (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 39.8% वोट पाकर गरखा सीट जीती और अमृत चौधरी (JD) को 7,290 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 42 जलालपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 42 पिपरा (सुपौल) है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुनेश्वर चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 36,68439.8% |
| 2 | अमृत चौधरी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 29,39431.9% |
| 3 | रघु नंदू मांझी | 21,82223.6% | |
| 4 | राम बाबू राम JNP(JP) | JNP(JP) | 1,2061.3% |
| 5 | राम पति दास | 1,1131.2% | |
| 6 | बिजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6150.7% |
| 7 | परमोद कुमार LKD(B) | LKD(B) | 4970.5% |
| 8 | चन्द्रिका भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 3080.3% |
| 9 | जानकी मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.3% |
| 10 | जय शंकर प्रसाद वैद निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.3% |
| 11 | सुरेन्द्र मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गरखा से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1985 के 48.6% से बढ़कर 60.2% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1977मुनेश्वर चौधरी (JNP), जीत का अंतर 48.1%
- 1980रघु नन्दन मानजी (INC(I)), जीत का अंतर 5.5%
- 1985रघुनंदन मांझी (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 1990मुनेश्वर चौधरी (IND), जीत का अंतर 7.9%
- 1995मुनेश्वर चौधरी (JD), जीत का अंतर 17.2%
- 2000मुनेश्वर चौधरी (RJD), जीत का अंतर 6.6%
- 2005 (फ़रवरी)रघुनंदन मांझी (IND), जीत का अंतर 6.5%
- 2005 (अक्टूबर)ज्ञान चन्द मांझी (BJP), जीत का अंतर 2.2%