समस्तीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
राम नाथ ठाकुर (JD(U)) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर समस्तीपुर सीट जीती और अशोक सिंह (RJD) को 11,282 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 95 वारिसनगर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 95 कांटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम नाथ ठाकुर NDA | NDA | 62,64145.0% |
| 2 | अशोक सिंह | 51,35936.9% | |
| 3 | काजी नसीम एकता | 14,82010.7% | |
| 4 | राम जपित राय | 4,9113.5% | |
| 5 | राम चंदर सिंह | 2,0691.5% | |
| 6 | रती रंजन प्रसाद | 1,2790.9% | |
| 7 | खुर्शीद खैर CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,1450.8% |
| 8 | राजीव रंजन BJC(R) | BJC(R) | 4870.3% |
| 9 | सुधा देवी LSWP | LSWP | 3920.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD(U), RJD और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
समस्तीपुर से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD(U) की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 57.6% से बढ़कर 64.9% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में भी JD(U) ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977चन्द्र शेखर सिंह (JNP), जीत का अंतर 22.9%
- 1980कर्पूरी ठाकुर (JNP(SC)), जीत का अंतर 31.4%
- 1985अशोक सिंह (LKD), जीत का अंतर 9.3%
- 1990अशोक सिंह (JD), जीत का अंतर 21.0%
- 1995अशोक सिंह (JD), जीत का अंतर 36.9%
- 2000राम नाथ ठाकुर (JD(U)), जीत का अंतर 8.1%
- 2005 (फ़रवरी)राम नाथ ठाकुर (JD(U)), जीत का अंतर 21.5%
- 2005 (अक्टूबर)रामनाथ ठाकुर (JD(U)), जीत का अंतर 12.2%