हरलाखीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
सीताराम यादव (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 32.4% वोट पाकर हरलाखी सीट जीती और राम नरेश पाण्डेय (CPI) को 534 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 75 बेनीपट्टी थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 75 सहरसा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हरलाखी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 534 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सीताराम यादव | 34,95532.4% | |
| 2 | राम नरेश पाण्डेय | 34,42131.9% | |
| 3 | राम नरेश ठाकुर NDA | NDA | 22,80621.1% |
| 4 | राम सेवक ठाकुर | 10,77810.0% | |
| 5 | राम अधीन दास | 1,4131.3% | |
| 6 | ब्रजनंदन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3871.3% |
| 7 | राजगीर पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 6340.6% |
| 8 | मो. नौशाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.5% |
| 9 | अजय कुमार मिश्र BJC(R) | BJC(R) | 2940.3% |
| 10 | राम किशोर महतो BHJVP | BHJVP | 2150.2% |
| 11 | महेन्द्र राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.2% |
| 12 | मिथिलेश्वर भारद्वाज AJBP | AJBP | 2110.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरलाखी से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1995 जितना ही रहा: 60.8%। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।
- 1977वैद्य़ नाथ यादव (CPI), जीत का अंतर 13.0%
- 1980मिथिलेश कुमार पाण्डेय (INC(I)), जीत का अंतर 0.2%
- 1985मिथिलेश कुमार पाण्डेय (INC), जीत का अंतर 19.6%
- 1990विन वदनी देवी (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1995राम नरेश पांडे (CPI), जीत का अंतर 30.7%
- 2000सीताराम यादव (RJD), जीत का अंतर 0.5%
- 2005 (फ़रवरी)राम नरेश पाण्डेय (CPI), जीत का अंतर 6.9%
- 2005 (अक्टूबर)राम नरेश पाण्डेय (CPI), जीत का अंतर 2.8%