पुपरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
सीता राम यादव (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 44.2% वोट पाकर पुपरी सीट जीती और हबीब ए. बिरारी (JD(U)) को 1,079 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 72 सोनबरसा थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 72 सिंहेश्वर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पुपरी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,079 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सीता राम यादव | 55,90744.2% | |
| 2 | हबीब ए. बिरारी NDA | NDA | 54,82843.4% |
| 3 | राम बृक्ष चौधरी | 12,2559.7% | |
| 4 | साधू शरण दास CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,6811.3% |
| 5 | अशोक कुमार BJC(R) | BJC(R) | 6050.5% |
| 6 | राम बृक्ष चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5310.4% |
| 7 | डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद पटेल | 4870.4% | |
| 8 | समुआ पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RJD, JD(U) और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पुपरी से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 51.7% से बढ़कर 61.4% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट JD(U) ने जीती।
- 1977हबीब अहमद (JNP), जीत का अंतर 1.0%
- 1980रामबृक्ष चौधरी (INC(U)), जीत का अंतर 25.4%
- 1985राम बृक्ष चौधरी (INC), जीत का अंतर 24.0%
- 1990सीता राम यादव (JD), जीत का अंतर 8.6%
- 1995सीताराम यादव (JD), जीत का अंतर 18.2%
- 2000सीता राम यादव (RJD), जीत का अंतर 0.8%
- 2005 (फ़रवरी)शाहिद अली खान (JD(U)), जीत का अंतर 3.8%
- 2005 (अक्टूबर)शाहिद अली खान (JD(U)), जीत का अंतर 6.9%