सोनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
विनय कुमार सिंह (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 48.9% वोट पाकर सोनपुर सीट जीती और प्रो. रामानुज प्रसाद (RJD) को 2,290 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 44 गरखा थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 44 त्रिवेणीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सोनपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,290 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विनय कुमार सिंह NDA | NDA | 72,50248.9% |
| 2 | प्रो. रामानुज प्रसाद | 70,21247.3% | |
| 3 | अशोक सिंह | 3,6212.4% | |
| 4 | करमू यादव | 8860.6% | |
| 5 | अतुल कुमार सिंह BJC(R) | BJC(R) | 4420.3% |
| 6 | वकील सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3730.3% |
| 7 | राज कुमार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.1% |
| 8 | राम जनम राय निर्दलीय | निर्दलीय | 640.0% |
| 9 | हरेन्द्र राम निर्दलीय | निर्दलीय | 490.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और RJD को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सोनपुर से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 58.5% से बढ़कर 85.1% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।
- 1977राम सुन्दर दास (JNP), जीत का अंतर 37.7%
- 1980लालू प्रसाद (JNP(SC)), जीत का अंतर 9.8%
- 1985लालू प्रसाद (LKD), जीत का अंतर 21.5%
- 1990राज कुमार राय (JD), जीत का अंतर 3.1%
- 1995राज कुमार राय (JD), जीत का अंतर 18.2%
- 2000विनय कुमार सिंह (BJP), जीत का अंतर 1.5%
- 2005 (फ़रवरी)रामानुज प्रसाद (RJD), जीत का अंतर 11.3%
- 2005 (अक्टूबर)रामानुज प्रसाद (RJD), जीत का अंतर 1.1%