तरैयाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
राम दास राय (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 36.9% वोट पाकर तरैया सीट जीती और जनक सिंह (BJP) को 265 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 38 बनियापुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 38 झंझारपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
तरैया का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 265 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
17 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम दास राय | 40,68036.9% | |
| 2 | जनक सिंह NDA | NDA | 40,41536.7% |
| 3 | कमला प्रसाद सिंह BPSP | BPSP | 19,00917.3% |
| 4 | चन्देश्वर प्रसाद राय | 4,7074.3% | |
| 5 | वीरेन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2151.1% |
| 6 | मेघनाथ सिंह | 1,0100.9% | |
| 7 | भिखारी साह निर्दलीय | निर्दलीय | 6580.6% |
| 8 | भारत भूषण सिंह | 6300.6% | |
| 9 | नागेन्द्र प्रसाद | 3970.4% | |
| 10 | शैलेन्द्र कुमार सिंह | 3180.3% | |
| 11 | प्रभात कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.3% |
| 12 | अखतर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.2% |
| 13 | जालिम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.2% |
| 14 | पवन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.2% |
| 15 | कृष्ण प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
| 16 | हरिहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 17 | स्रक्षाई लाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तरैया से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 60.3% से बढ़कर 69.2% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट LJP ने जीती।
- 1977धर्म नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 59.7%
- 1980प्रभु नाथ सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 13.7%
- 1985राम दास राय (BJP), जीत का अंतर 1.3%
- 1990राजीव प्रताप सिंह (JD), जीत का अंतर 8.7%
- 1995राम दास राय (JD), जीत का अंतर 30.2%
- 2000राम दास राय (RJD), जीत का अंतर 0.2%
- 2005 (फ़रवरी)जनक सिंह (LJP), जीत का अंतर 0.6%
- 2005 (अक्टूबर)राम दास राय (RJD), जीत का अंतर 8.2%