जीरादेईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
एम. अज़ाज़ुल हक (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 63.2% वोट पाकर जीरादेई सीट जीती और श्याम बहादुर सिंह (SAP) को 44,920 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 32 महराजगंज थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 32 बेनीपट्टी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एम. अज़ाज़ुल हक 37.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. अज़ाज़ुल हक | 75,92063.2% | |
| 2 | श्याम बहादुर सिंह | 31,00025.8% | |
| 3 | नौशेर अली निर्दलीय | निर्दलीय | 10,0298.3% |
| 4 | रमाकांत सिंह | 1,2801.1% | |
| 5 | शंकर प्रसाद यादव | 6510.5% | |
| 6 | भगराशन सिंह पटेल CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 3460.3% |
| 7 | प्रेम चन्द तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.3% |
| 8 | नासिर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3110.3% |
| 9 | शंकर भगत | 1680.1% | |
| 10 | भृगुनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RJD और SAP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जीरादेई से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 60.3% से बढ़कर 76.0% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में भी RJD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977राजा राम चौधरी (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1980राघव प्रसाद (JNP(SC)), जीत का अंतर 4.1%
- 1985त्रिभुवन सिंह (INC), जीत का अंतर 13.1%
- 1990एस.एम. मशाबुद्दीन (IND), जीत का अंतर 0.4%
- 1995एम. सहाबुद्दीन (JD), जीत का अंतर 14.8%
- 2000एम. अज़ाज़ुल हक (RJD), जीत का अंतर 37.4%
- 2005 (फ़रवरी)अज़ाज़ुल हक (RJD), जीत का अंतर 4.2%
- 2005 (अक्टूबर)श्याम बहादुर सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 16.8%