रांचीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 55.0% वोट पाकर रांची सीट जीती और जय सिंह यादव (RJD) को 36,209 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 306 गुमला थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 306 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह 35.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह NDA | NDA | 56,44555.0% |
| 2 | जय सिंह यादव | 20,23619.7% | |
| 3 | प्रतिभा पाण्डेय | 18,65118.2% | |
| 4 | कुमार वरुण | 2,3392.3% | |
| 5 | नवीन चंचल | 1,3691.3% | |
| 6 | मंसूर आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 7800.8% |
| 7 | राकेश कुमार JKP | JKP | 7620.7% |
| 8 | के.एन. पंडित | 7560.7% | |
| 9 | मो. नौशाद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4420.4% |
| 10 | तपेश्वर प्रसाद नारायण | 4350.4% | |
| 11 | कुमकुम प्रसाद AJBP | AJBP | 2130.2% |
| 12 | राकेश कुमार | 1430.1% | |
| 13 | शिव कुमार शर्मा BHJC | BHJC | 720.1% |
| 14 | ऋषि केश महतो | 590.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, RJD और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रांची से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.1% से बढ़कर 55.0% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 59.4% से घटकर 48.2% रह गया।