तमाड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
रमेश सिंह मुण्डा (SAP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 45.6% वोट पाकर तमाड़ सीट जीती और कालीचरण मुण्डा (INC) को 19,029 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 301 रांची थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 301 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रमेश सिंह मुण्डा 23.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश सिंह मुण्डा NDA | NDA | 37,19645.6% |
| 2 | कालीचरण मुण्डा | 18,16722.3% | |
| 3 | लखिंद सिंह मुण्डा | 10,53812.9% | |
| 4 | मोहन लाल पातर मुण्डा JKP | JKP | 5,2816.5% |
| 5 | बुधन लाल मुण्डा | 4,1285.1% | |
| 6 | कलेश्वर मुण्डा CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 3,7514.6% |
| 7 | पूर्णचंद्र मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2981.6% |
| 8 | दिनेश सिंह मुण्डा | 9171.1% | |
| 9 | कृष्ण पातर निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तमाड़ से कौन जीता, 1977–2000
SAP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 60.7% से घटकर 52.5% रह गया।