चक्रधरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
चुमनू उराँव (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 30.2% वोट पाकर चक्रधरपुर सीट जीती और सुखदेव हेम्ब्रम (JMM) को 6,213 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 299 सिल्ली थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 299 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चुमनू उराँव NDA | NDA | 24,24330.2% |
| 2 | सुखदेव हेम्ब्रम | 18,03022.4% | |
| 3 | सोमय गागराई | 17,83822.2% | |
| 4 | सुखलाल सोय UGDP | UGDP | 12,22415.2% |
| 5 | थॉमस पुरती JKP | JKP | 2,8613.6% |
| 6 | रमेश उराँव | 2,6613.3% | |
| 7 | चंदू कुई | 1,1241.4% | |
| 8 | लक्ष्मण हेम्ब्रम | 6050.8% | |
| 9 | मदन गागराई निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.4% |
| 10 | कांडरा सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.3% |
| 11 | मदन मोहन टोप्पो निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चक्रधरपुर से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने 1995 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 21.2% से बढ़कर 30.2% हो गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 64.9% से घटकर 60.0% रह गया।