जगन्नाथपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
मधु कोड़ा (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 34.0% वोट पाकर जगन्नाथपुर सीट जीती और सोनाराम बिरुवा (INC) को 7,424 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 297 तोरपा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 297 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मधु कोड़ा NDA | NDA | 25,81834.0% |
| 2 | सोनाराम बिरुवा | 18,39424.2% | |
| 3 | मंगल सिंह बोबोंगा | 11,72015.4% | |
| 4 | ज्वाला कोड़ा UGDP | UGDP | 10,66014.0% |
| 5 | शीतल हेम्ब्रम | 5,3427.0% | |
| 6 | कपिलेश्वर डोंगो | 2,5263.3% | |
| 7 | साधू चरण तिरिया JKP | JKP | 4970.7% |
| 8 | असित कुमार खलखो JKPP | JKPP | 4900.7% |
| 9 | टिपरिया तियु निर्दलीय | निर्दलीय | 4680.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जगन्नाथपुर से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट JPP से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 53.6% से बढ़कर 60.2% हो गया।