जमशेदपुर पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
मृगेन्द्र प्रताप सिंह (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 45.1% वोट पाकर जमशेदपुर पश्चिम सीट जीती और शमसुद्दीन खान (INC) को 26,744 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 292 जगन्नाथपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 292 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मृगेन्द्र प्रताप सिंह 24.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मृगेन्द्र प्रताप सिंह NDA | NDA | 49,41345.1% |
| 2 | शमसुद्दीन खान | 22,66920.7% | |
| 3 | बन्ना गुप्ता | 22,56820.6% | |
| 4 | सैयद नौशाद | 10,8499.9% | |
| 5 | अयूब खान SJP(R) | SJP(R) | 1,4441.3% |
| 6 | दीपक कु. अग्रवाल | 1,0040.9% | |
| 7 | शेखर भूषण नाग निर्दलीय | निर्दलीय | 6470.6% |
| 8 | डॉ. शमशूल हक खान | 3860.3% | |
| 9 | सिया शरण शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1900.2% |
| 10 | उमेश प्रसाद खिरवाल BJC(R) | BJC(R) | 1640.1% |
| 11 | बिजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 12 | राकेश कुमार अग्रवाल BHJVP | BHJVP | 590.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जमशेदपुर पश्चिम से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने 1995 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 32.2% से बढ़कर 45.1% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 61.3% से घटकर 46.9% रह गया।