बहरागोड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
दिनेश कुमार सरंगि (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 27.2% वोट पाकर बहरागोड़ा सीट जीती और बिद्युत महतो (JMM) को 1,301 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 287 जुगसलाई थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 287 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बहरागोड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,301 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिनेश कुमार सरंगि NDA | NDA | 30,18627.2% |
| 2 | बिद्युत महतो | 28,88526.1% | |
| 3 | देवीपद उपाध्याय | 24,72222.3% | |
| 4 | रबीन्द्र नाथ दास | 21,88819.8% | |
| 5 | दिबाकर मार्डी | 3,0922.8% | |
| 6 | भूत नाथ पात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3751.2% |
| 7 | दमन हेम्ब्रम AMB | AMB | 3490.3% |
| 8 | कनाई लाल मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 3310.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बहरागोड़ा से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 74.9% से घटकर 68.6% रह गया।