धनबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
पशुपति नाथ सिंह (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 48.8% वोट पाकर धनबाद सीट जीती और प्रसादी साव (RJD) को 42,065 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 284 पटमदा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 284 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पशुपति नाथ सिंह 27.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पशुपति नाथ सिंह NDA | NDA | 74,33148.8% |
| 2 | प्रसादी साव | 32,26621.2% | |
| 3 | योगेश्वर प्रसाद योगेश | 25,47616.7% | |
| 4 | रेखा मंडल | 12,7108.3% | |
| 5 | सुरेन्द्र प्रसाद राय | 1,7951.2% | |
| 6 | अमरेंद्र नारायण सिंह | 1,6571.1% | |
| 7 | बिश्वनाथ बागी SWJP | SWJP | 1,3450.9% |
| 8 | राज कुमार शर्मा | 1,3440.9% | |
| 9 | कलीमुद्दीन खान | 6750.4% | |
| 10 | विजय कुमार महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.2% |
| 11 | छेदू पासी निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.2% |
| 12 | जगदीश नारायण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धनबाद से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने 1995 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 23.9% से बढ़कर 48.8% हो गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 57.3% से घटकर 52.5% रह गया।