बसंतपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
सत्यदेव प्रसाद सिंह (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 49.1% वोट पाकर बसंतपुर सीट जीती और माणिक चन्द राय (RJD) को 1,060 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 27 सिवान थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 27 बाजपट्टी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बसंतपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,060 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्यदेव प्रसाद सिंह NDA | NDA | 67,05249.1% |
| 2 | माणिक चन्द राय | 65,99248.4% | |
| 3 | कमलदेव ना. शुक्ला | 2,0081.5% | |
| 4 | शेख इजहार NDA | NDA | 5490.4% |
| 5 | सत्यदेव प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3550.3% |
| 6 | मदन यादव | 3060.2% | |
| 7 | रामायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और RJD को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बसंतपुर से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 64.4% से बढ़कर 73.8% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।
- 1977विद्या भूषण सिंह (JNP), जीत का अंतर 5.2%
- 1980माणिक चन्द राय (JNP(SC)), जीत का अंतर 21.8%
- 1985माणिक चन्द्र राय (INC), जीत का अंतर 11.2%
- 1990माणिक चन्द्र राय (INC), जीत का अंतर 8.9%
- 1995माणिकचंद राय (JD), जीत का अंतर 9.9%
- 2000सत्यदेव प्रसाद सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.8%
- 2005 (फ़रवरी)माणिक चन्द राय (RJD), जीत का अंतर 17.0%
- 2005 (अक्टूबर)माणिकचंद राय (RJD), जीत का अंतर 14.8%