हजारीबागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
देव दयाल (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर हजारीबाग सीट जीती और लम्बोदर पाठक (INC) को 13,912 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 269 चतरा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 269 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देव दयाल NDA | NDA | 48,92346.6% |
| 2 | लम्बोदर पाठक | 35,01133.4% | |
| 3 | जीब लाल राम | 6,1715.9% | |
| 4 | राम नरेश कुमार | 5,4585.2% | |
| 5 | अर्जुन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6642.5% |
| 6 | मान मोहन मेहता | 1,7471.7% | |
| 7 | लालमन कुशवाहा MCO | MCO | 1,1771.1% |
| 8 | भूप नारायण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0931.0% |
| 9 | पन्नू महतो | 1,0641.0% | |
| 10 | नंदू प्रसाद | 8770.8% | |
| 11 | नन्द लाल साव | 6600.6% | |
| 12 | ओम प्रकाश अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और RJD को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हजारीबाग से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 46.6%। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 59.6% से घटकर 49.3% रह गया।