फतेहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
श्यामदेव पासवान (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 52.2% वोट पाकर फतेहपुर सीट जीती और तपेश्वर प्रसाद (JD(U)) को 25,702 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 255 रजौली थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 255 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — श्यामदेव पासवान 25.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्यामदेव पासवान | 53,58952.2% | |
| 2 | तपेश्वर प्रसाद NDA | NDA | 27,88727.2% |
| 3 | बरहो राजवंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,2496.1% |
| 4 | विजय कुमार चौधरी NDA | NDA | 3,3713.3% |
| 5 | जितेन्द्र कुमार | 3,0503.0% | |
| 6 | राम परीक्षित मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4612.4% |
| 7 | जानकी पासवान | 1,7291.7% | |
| 8 | कमला देवी | 1,5981.6% | |
| 9 | धर्मेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0161.0% |
| 10 | अनूप भुईयां निर्दलीय | निर्दलीय | 7660.8% |
| 11 | वाचो देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 5390.5% |
| 12 | अर्जुन मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RJD, JD(U) और एक निर्दलीय को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फतेहपुर से कौन जीता, 1977–2000
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 63.7% से घटकर 56.1% रह गया।