घोसीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
जगदीश शर्मा (निर्दलीय) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 58.3% वोट पाकर घोसी सीट जीती और मिथिलेश यादव (CPI(ML)(L)) को 27,524 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 246 शेरघाटी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 246 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगदीश शर्मा 18.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदीश शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 87,62158.3% |
| 2 | मिथिलेश यादव CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 60,09740.0% |
| 3 | महेन्द्र प्रसाद सिंह | 1,3690.9% | |
| 4 | व्रजेश सरन | 5960.4% | |
| 5 | अलखदेव प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.2% |
| 6 | उपेन्द्र प्रसाद | 1540.1% | |
| 7 | अभय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और CPI(ML)(L) को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
घोसी से कौन जीता, 1977–2000
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 75.4% से बढ़कर 79.8% हो गया।