दानापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
लालू प्रसाद (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 56.5% वोट पाकर दानापुर सीट जीती और रामा नन्द यादव (BJP) को 17,555 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 209 बिक्रम थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 209 दिनारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — लालू प्रसाद 15.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लालू प्रसाद | 64,08556.5% | |
| 2 | रामा नन्द यादव NDA | NDA | 46,53041.0% |
| 3 | शशि शेखर प्रसाद | 1,1671.0% | |
| 4 | राम प्रसाद पासवान | 6050.5% | |
| 5 | राज ना. राय CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 2530.2% |
| 6 | रवि राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.2% |
| 7 | बिजय सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.1% |
| 8 | मो. इसराईल अंसारी BMF | BMF | 1290.1% |
| 9 | प्रमोद कुमार श्रीबास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 10 | जे. पी. शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 11 | पंचा नन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RJD और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दानापुर से कौन जीता, 1977–2000
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 52.6% से बढ़कर 56.6% हो गया।