झाझाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
दामोदर रावत (SAP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 29.8% वोट पाकर झाझा सीट जीती और डॉ. रविन्द्र यादव (RJD) को 1,645 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 178 तारापुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 178 नालन्दा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
झाझा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,645 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दामोदर रावत NDA | NDA | 27,48029.8% |
| 2 | डॉ. रविन्द्र यादव | 25,83528.0% | |
| 3 | हबीब अल्लाह | 10,40011.3% | |
| 4 | शिव नन्दन झा निर्दलीय | निर्दलीय | 7,8458.5% |
| 5 | दिलावर हुसैन | 3,7664.1% | |
| 6 | धर्म देव यादव | 3,5743.9% | |
| 7 | राजेन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4553.8% |
| 8 | ओम प्रकाश झा BJC(R) | BJC(R) | 2,2172.4% |
| 9 | महेन्द्र प्रसाद यादव | 2,1682.4% | |
| 10 | नवल किशोर प्रसाद BMF | BMF | 1,6561.8% |
| 11 | मनीष कु. पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4891.6% |
| 12 | रणवीर उर्फ़ रविन्द्र कुमार यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 8670.9% |
| 13 | महेश प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6430.7% |
| 14 | देवेन्द्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6290.7% |
| 15 | कपिल देव मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
झाझा से कौन जीता, 1977–2000
SAP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SAP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 57.6% से घटकर 54.1% रह गया।