अमरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
सुरेन्द्र प्रसाद सिंह (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 42.1% वोट पाकर अमरपुर सीट जीती और बेदानन्द सिंह (SAP) को 9,210 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 172 सिकन्दरा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 172 लखीसराय है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन्द्र प्रसाद सिंह | 49,14442.1% | |
| 2 | बेदानन्द सिंह | 39,93434.2% | |
| 3 | नवल किशोर चौधरी | 11,2869.7% | |
| 4 | बालमुकुन्द मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 8,8737.6% |
| 5 | महेश्वरी मलय सिंह यादव | 2,9702.5% | |
| 6 | अनिल कुमार सिंह | 1,2491.1% | |
| 7 | कमलेश्वरी यादव | 1,0710.9% | |
| 8 | परमानन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8770.8% |
| 9 | देवेन्द्र मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 8130.7% |
| 10 | राजेन्द्र बासफोर निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 11 | राम नारायण ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1590.1% |
| 12 | शमशेर जुग बहादुर BPSP | BPSP | 1500.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अमरपुर से कौन जीता, 1977–2000
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 59.9% से बढ़कर 62.8% हो गया।