गोपालपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
रबीन्द्र कु. राणा (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 50.8% वोट पाकर गोपालपुर सीट जीती और नरेन्द्र कु. नीरज (SAP) को 17,965 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 169 चकाई थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 169 सूरजगढ़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रबीन्द्र कु. राणा | 67,81350.8% | |
| 2 | नरेन्द्र कु. नीरज | 49,84837.4% | |
| 3 | महाबीर मंडल | 7,5945.7% | |
| 4 | राजेन्द्र यादव | 3,0282.3% | |
| 5 | वटेश्वरी मंडल | 3,0252.3% | |
| 6 | ज्वाला प्रसाद सिंह BHJC | BHJC | 1,2190.9% |
| 7 | जय प्रकाश यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3390.3% |
| 8 | अरुण कु. रुगटा निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.2% |
| 9 | यदुनंदन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.1% |
| 10 | रामानंद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RJD, SAP और CPI को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोपालपुर से कौन जीता, 1977–2000
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 60.8% से बढ़कर 68.9% हो गया।