दुमकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
स्टीफन मरांडी (JMM) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 45.4% वोट पाकर दुमका सीट जीती और सतीश सोरेन (BJP) को 11,222 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 160 भागलपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 160 झाझा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | स्टीफन मरांडी | 43,01045.4% | |
| 2 | सतीश सोरेन NDA | NDA | 31,78833.6% |
| 3 | रमेश हेम्ब्रम | 15,75516.6% | |
| 4 | मासी चरण हाँसदा | 2,4062.5% | |
| 5 | विजय कुमार सोनी | 1,0671.1% | |
| 6 | सिलास बास्की AMB | AMB | 4390.5% |
| 7 | मातू मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 8 | सोना मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JMM, BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दुमका से कौन जीता, 1977–2000
JMM ने यह सीट JMM(S) से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; JMM ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 62.2% से घटकर 55.5% रह गया।