सारठविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
शशांक शेखर भोक्ता (JMM) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 51.1% वोट पाकर सारठ सीट जीती और उदय शंकर सिंह (BJP) को 13,466 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 156 महागामा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 156 बाँका है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शशांक शेखर भोक्ता | 60,48251.1% | |
| 2 | उदय शंकर सिंह NDA | NDA | 47,01639.7% |
| 3 | सिराज अंसारी | 7,2276.1% | |
| 4 | निर्भय चरण लाल | 1,5971.4% | |
| 5 | अशोक राय | 1,2381.1% | |
| 6 | जियानंद यादव | 2910.3% | |
| 7 | बालकी प्र. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.1% |
| 8 | अजय प्र. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.1% |
| 9 | शीतल किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JMM, BJP और RJD को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सारठ से कौन जीता, 1977–2000
JMM ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; JMM ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 70.5% से घटकर 67.7% रह गया।